How to investment without risk? बिना रिस्क के इन्वेस्टमेंट कैसे करें?


How to investment without risk?







बिना रिस्क के लिए इन्वेस्ट करने का क्या मतलब है?


इन्वेस्टमेंट करना एक रिस्क वाला काम होता है अगर आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो आपके रिक्स लेना ही पड़ेगा पर हर इन्वेस्टमेंट की एक लिमिट होती है रिस्क की अगर आप हाई रिस्क में इन्वेस्ट करते हैं तो रिटर्न भी मिलने के चांसेस ज्यादा होते हैं लेकिन अगर आप लो रिस्क में इन्वेस्ट करते हैं तो रिटर्न ठीक-ठाक ही होगा और यह ठीक-ठाक रिटर्न लॉन्ग टाइम में बहुत ही जबरदस्त रिटर्न होता है |



Stock , Mutual fund and F.D मैं अंतर क्या है?


Stock , Mutual fund and F.D इन्वेस्टमेंट का एक तरीका है जिसमें आप अपने अनुसार इन्वेस्ट कर सकते हैं| सबकी अपनी अपनी रिस्क कैपेसिटी है और रिस्क लेने की क्षमता है अब समझते हैं इसमें अंतर क्या है :
Stock सबसे हाई रिस्क के अंदर आता है क्योंकि इसमें वोलैटिलिटी और इन्वेस्टमेंट एक पर होती है अगर आप स्टॉक पोर्टफोलियो अपना अगर मेंटेन और डायवर्सिफाई करते हैं तो आपके यहां पर रिस्क काम हो जाएगा लेकिन स्टॉक में डेली अपडेट होने के कारण जिसको वोलैटिलिटी कहते हैं वह बहुत तेजी से होता है इसके कारण आपका पोर्टफोलियो प्लस माइनस ज्यादा होगा लेकिन फायदा यह है कि अगर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट सोच रहे हैं तो आपको यह हाई रिस्क स्टॉक आपको अच्छा खासा रिटर्न दे सकते हैं हाई रिस्क स्टॉक का मतलब यह नहीं है कि आप पेनी स्टॉक खरीदें इसमें कुछ स्टॉक पहनी होने चाहिए और बहुत से स्टॉक मल्टीबैगर वाले होने चाहिए और कुछ स्टॉक जो है जहां पर कंपनी डोमिनेट करती है इससे क्या होगा आपका पोर्टफोलियो एक डायवर्सिफाई होगा जिससे आपको मिनिमम रिस्क लेना पड़ेगा बट यहां पर रिस्क ज्यादा है इसको ध्यान में रखकर ही इन्वेस्ट करें|

म्युचुअल फंड स्टॉक से लो रिस्क वाला है लेकिन इसमें रिटर्न काम होगा स्टॉक से और वोलैटिलिटी भी इसमें कम होती है अगर आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं म्यूचुअल फंड में तो आप कोई भी ब्रोकरेज का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर आप बैंक के म्युचुअल फंड में भी ओपन कर सकते हैं जिस बैंक में आपका खाता है लेकिन यह भी एचडी से ज्यादा रिटर्न देता है पर यह भी रिस्क है इसकी वोलैटिलिटी उतनी नहीं होती है जितनी स्टॉक की होती है क्योंकि में कारण है इसका डाटा अपडेट नाइट 12 ओ'क्लॉक पर होता है अप्रॉक्स तो उतना आश्चर्य नहीं होता है लेकिन रिस्क और रिटर्न इसमें काम है रिटर्न ठीक-ठाक है|
एचडी का पूरा नाम है फिक्स्ड डिपॉजिट यह बनाया ही गया था कि आपका पैसा सीकर रहे और एक इन्फ्लेशन को बीट करके आपको रिटर्न देता रहे तो इन्फ्लेशन को बीट करने के लिए इसको बनाया गया था इसीलिए इसका रिटर्न साहस से 10 परसेंट के बीच में ही होता है डिपेंड ओं थे कंपनी तू कंपनी कौन सी एचडी करती हैं अगर आप एचडी करना चाहते हैं तो आप चाहे तो  बैंक जाकर डायरेक्ट कर देंगे, आपसे पूछा जाएगा कि कितने साल के लिए आप लॉक करना चाहेंगे, अगर आपने कहा, तीन साल के लिए, अगर 3 साल से पहले आपने पैसा निकाला तो प्रति चार्ज के हिसाब से इस्तेमाल करें, अगर 3 साल तक के लिए बुरा निकाला तो आपका निवेश हिंदी से प्रति वर्ष 7 से 10 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा| 



कौन सा इन्वेस्टमेंट का तरीका है सबसे बेस्ट?


स्टॉक , म्युचुअल फंड और एचडी इन तीनों में सबसे सही है एचडी और म्युचुअल फंड जिसमें आप बिना परेशान हुए इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं लेकिन अगर आपके पास ज्यादा पैसा है जैसे कि आपके पास 5 से 6 लाख से ज्यादा रुपए हैं तो आप अपना पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई करें यह एक्सपर्ट किया सुझाव होता है डायवर्सिफाई का मतलब यह है कि आप इन्वेस्टमेंट अलग-अलग जगह करके पैसों को बांट के आप अपना रिस्क कम कर रहे हैं जैसे अगर स्टॉक में कुछ पैसा जाए म्युचुअल फंड में कुछ पैसा जैन एचडी में कुछ पैसा जाए तो आपको अगर स्टॉक बढ़िया रिटर्न दे दिया और म्युचुअल फंड गिर भी गया तो भी आपको अच्छा खासा रिटर्न रहेगा और आपका पोर्टफोलियो मेंटेन रहेगा तो ऐसे करके आप बिना रिस्क के इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं|

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